एसीबी क्या होता है? इसके उपयोग और सुरक्षा रिले के बारे में जानकारी।
एसीबी ACB :- इसका फुल फॉर्म (Air cercuit breaker) यह एक विद्युत उपकरण है यह विद्युत सर्किट को ज्यादा करेंट से बचाता है यह ऑटोमैटिक स्विच होता है। यह असामान्य परिस्थितियों में उच्च धाराओं को सुरक्षित रूप से रोक देता है।
एसीबी दो प्रकार के होते हैं( 1) EDO (2)MDO
EDO(eletronic draw out) इसमें एसीबी को हैंडल से चार्ज नहीं करना पड़ता है इसकी स्प्रिंग ऑटोमैटिक चार्ज हो जाती है।
MDO(machenical draw out) इसमें एसीबी के हैंडल को ऊपर नीचे करके स्प्रिंग को चार्ज करना पड़ता है फिर ऑन पुश बटन को दबाना पड़ता है। जब तक स्प्रिंग चार्ज नहीं तब तक एसीबी ऑन नहीं होगा।
ACB के फायदे
ACB के फायदे
1. यह कम वोल्टेज वाले विद्युत सर्किट की सुरक्षा करता है।
2. यह शॉर्ट सर्किट,और ओवर करेंट, अर्थ ग्राउंड से सुरक्षा प्रदान करता है।
3. यह हमें विद्युत आर्क से बचाता है। विद्युत आर्क वह होता है जब हम एसीबी को ऑन करते हैं तो एसीबी के पावर कॉन्टैक्ट से कुछ इलेक्ट्रिकल स्पार्क होता है उसी को खत्म करने के लिए एयर के सहायता लेते हैं इसी कारण से इसका नाम भी एयर सर्किट ब्रेकर पड़ा है।
4. इसका उपयोग हम कारखानों और फैक्ट्रियों में करते हैं। ये 415V से ऊपर के वोल्टेज के लिए लगाया जाता है।
5. इसको हम मैनुअल और रिमोट दोनों विधि से ऑन ऑफ कर सकते हैं।
एसीबी में रिले के प्रकार:--
1.shunt coil or shunt relay
2.UVR(under voltage relay)
3.closing relay
4.Micrological controller relay
1.shunt relay-
Acb tripping by the remote some distances from the panel protection the short cercuit of the technician
2.UVR(under voltage relay) when voltage high/low ACB will Trip.
3.Closing relay -- ACB "ON"by the remote .
4. MICROLOGICAL CONTROLLER RELAY -
1.Ir(over load setting) ये सेटिंग ओवर लोड के लिए किया जाता है। अगर मान लो कि आपकी एसीबी 1000एम्पीयर की है और आपका लोड उससे कम चल रहा है तो आप इसकी सेटिंग कर सकते है जितने एम्पीयर की आपको जरूरत है इससे ज्यादा करेंट होने पर ये एसीबी को ट्रिप कर देगी जैसे कि मान लो कि आपके Ir सेटिंग.6पर सेट है तो आप निकाल सकते हो कि आपकी एसीबी पर कितना लोड चल रहा है इसके लिए जितने एम्पीयर का एसीबी है In (rated of current Acb)1000*.6=600amp चल रहा है। ये सेकंड में ट्रिप करता है।
2.Isd(short cercuit setting) मान लो आपके एसीबी पर 600amp लोड चल रहा है और आपका Isd के नॉब की सैटिंग 1.5पर है तो Ir*1.5 मतलब 600*1.5=900amp से ऊपर शॉर्ट सर्किट होने पर एसीबी को mili सेकंड में ट्रिप कर देगा जितने मिली सेकंड पर ट्रिप करवाना है उतने पर डिले टाइमर को सेट कर दो उतने सेकंड में ट्रिप कर देगा।
3.Ig(ground foulty) जब सर्किट कहीं पर अर्थ या ग्राउंड हो जाए तो उस कंडीशन में ट्रिप कर जाती है। ये भी मिली सेकंड में ट्रिप करती है।
4.Ii(Instantaneous current) माना की आपकी एसीबी 1000amp की है और किसी कारण से शॉर्ट सर्किट या अर्थ फॉल्ट हो जाता है और एसीबी की Ii सेटिंग 2पर है तो इसका मतलब 2*1000=2000amp पर जाने पर ये तुरंत एसीबी को टॉट्रिप कर देगी बिना टाइम लिए इसका कोई टाइमर सेटिंग नहीं होता है जैसे कि चित्र में दिखाया गया है।
इसको off/on करने की विधि एवं आंतरिक भाग और बाहरी पार्ट की जानकारी।इसकी मेंटेनेंस करने के लिए सबसे पहले पॉवर off करने के लिये लाल पुश बटन को दबाना है।
ON करने के लिए पहले जो हैंडल आप चित्र में देख रहे हैं उसको ऊपर नीचे करके स्प्रिंग को चार्ज करें जब स्प्रिंग चार्ज्ड हो जाएगा तो हैंडल लूज भी हो जाएगा और सफेद रंग में charged लिख कर आ जाएगा। फिर आपने हरे रंग के पुश बटन को दबा दे एसीबी में खटाक के आवाज आएगी और ऑन का इंडिकेशन आ जाएगा।
आंतरिक भागों के चित्र
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