RTD RTD का फुल फॉर्म होता है (Resistance temperature detecter) यह एक सेंसर है जिसका प्रतिरोध तापमान में बदलाव के साथ बदलता रहता है अर्थात जैसे जैसे हम RTD को गर्म करते रहेंगे वैसे वैसे इसका तापमान बढ़ता इसके साथ ही इसका प्रतिरोध (resistance) बढ़ता रहेगा। यह ohm law के सिद्धांत पर कार्य करता है। T perpotional R RTD के बारे में कुछ खास बातें:--- 1.RTD सेंसर धातु के प्रतिरोध के सिद्धांत पर कार्य करता है धातु का प्रतिरोध तापमान के साथ बदलता रहता है। 2. RTD सेंसर की सटीकता, दोहराव और स्थिरता के लिए इसकी अहमियत है। 3. RTD सेंसर को बनाने के लिए कांच या सिरामिक के टुकडे पर कई बार महीन तार लपेटा जाता है इस तार को शुद्ध पदार्थों से बनाया जाता है जैसे कि प्लेटिनम, निकल, तांबा। 4. प्लेटिनम RTD सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला RTD है इसके बाद निकेल, तांबा RTD आते हैं। RTD का इस्तेमाल तापमान मापने के अलावा, दबाव, आद्रता मापने के काम आता है 5. इसका आउटपुट सिग्नल ओहम में होती है। ये RTD दो प्रकार के होते हैं:- - - (1) Simplex (2) Duplex * Simple...
NO:--- इस स्विच को हम ऑन स्विच भी बोलते हैं।NO का मतलब (Normal open) भी कहते हैं। इसमें दो टर्मिनल होते हैं जिस पर 3और 4लिखा होता है। इसके अंदर एक मैटल की कॉन्टेक्ट पत्ती होती है और एक स्प्रिंग लगी होती है जो इसकी नॉब की टेंशन को बना कर रखती है। जब हम इसके नॉब को दबाते हैं तो पत्ती टर्मिनल के साथ जुड़ जाती है जिसके कारण हमारी सप्लाई दूसरे टर्मिनल से होकर प्रवाहित होने लग जाती है और इस तरह सर्किट को पूरा करती है। नॉब को दबाने से पहले पत्ती टर्मिनल से नहीं जुड़ी होती है । जिससे कि सप्लाई आगे नहीं जाती है। जब पुश बटन को दबाते हैं तो इसके साथ ही नॉब दबती है। NC:---- NC switch ko (Normal close) स्विच बोलते हैं यह सर्किट को तोड़ती है अर्थात बंद करती है। यह NO स्विच के बिल्कुल उल्टा होता है इसमें भी एक कॉन्टेक्ट पत्ती होती है स्प्रिंग होती है पर और दो terminal होते हैं जिस पर 1और 2लिखा होता है पर इसमें कॉन्टेक्ट पत्ती टर्मिनल के साथ जुड़ी होती है जब हम...
एस एफ यू (SFU. switch fuse unit) इसका पूरा नाम है। यह एक कॉम्पैक्ट डिवाइस है। जिसके अंदर फ्यूज लगा होता है। यह धातु से बना होता है। इसका उपयोग आम तौर पर कम और मीडियम ⚡ वोल्टेज के लिए किया जाता है। यह एक आइसोलेटर स्विच की तरह काम करता है। यह शॉर्ट सर्किट, ओवरलोड, ओवर करेंट होने पर फ्यूज को उड़ा देता है। यह कैसे काम करता है 1. यह स्विच इलेक्ट्रिकल वोल्टेज को डिस्ट्रीब्यूट के लिए डिजाइन किया गया है। 2. यह शॉर्ट सर्किट या ओवर करेंट होने पर फ्यूज को उड़ा देता है जिससे कि सप्लाई बंद हो जाती है। 3. यह आइसोलेट की तरह काम करता है ट्रीप नहीं करता है फ्यूज को उड़ा देता है जिससे कि हमारे उपकरण खराब होने से बच जाते हैं। SFU से जुड़ी कुछ जरूरी बातें फायदे --- 1. यह 3 पोल 4पोल में आती हैं। 2. यह 30,60,100,200,400,600, 800एम्पीयर में आती है। 3. इसका सबसे बड़ा फायदा यह की इसके फ्यूज उड़ने पर फ्यूज को बदला जा सकता है और आसानी से फिर सप्लाई को चालू किया जा सकता है।
Comments
Post a Comment